
हमारे चारों ओर का वातावरण स्वच्छ होना बहुत जरुरी होता है, स्वच्छता घर के अंदर व बाहर दोनों जगह होनी चाहिए.
गृहणी के लिए घर के काम साफ सफाई, कामकाजी महिलाओं के अपेक्षा आसान होते है. गृहणी का पूरा ध्यान अपने घर परिवार पर होता है, जिससे वे समय पर आसानी से काम कर लेती है. लेकिन कई बार औरतें दुसरे कामों में फंसकर जरुरी काम जैसे सफाई को बाजु कर देती है, और फिर समय नहीं है का रोना रोती है. आजकल स्मार्ट वुमेन वही है, जो अपने घर बाहर के कामों को बखूबी संभाले. चाहे घर की शॉपिंग हो, खाना बनाना, बच्चों को पढ़ाना या घर की सफाई सभी चीज समय पर और परफेक्ट होनी चाहिए, तभी आप स्मार्ट वुमेन की केटेगरी में आएँगी. तो चलिए आज आपको कुछ स्मार्ट तरीके बताते है, जिससे आप घर की सफाई जैसे काम को आसानी से कम समय में कर लेंगें, जिससे बचे हुए समय में आप अपना मनपसन्द काम कर सकते है.
घर की साफ़ सफाई करने के टिप्स
भारतीय परिवार में ज्यादातर घरों में रोज की सफाई झाड़ू, कटका लगाकर ही होती है. और दिवाली के दिवाली ही पुरे घर के कोने कोने की सफाई होती है. दीवाली के लिए साफ सफाई को छोड़ना बेवकूफी है, इससे काम अत्याधिक बढ़ जाता है, और गन्दगी बैठती चली जाती है. दिवाली के समय त्यौहार को एन्जॉय करने के बजाय हम साफ़ सफाई के काम में ही लगे रहते है.
घर की साफ सफाई की ज़िम्मेदारी सिर्फ घर की औरतों की नहीं होती है, घर में रहने वाले हर एक सदस्य की इसमें पूर्ण सहभागिता होती है. घर की औरतों को सफाई की ज़िम्मेदारी सभी सदस्यों के बीच बाँट देनी चाहिए, जैसे
बच्चों को सिखाएं की खिलौने खेलने के बाद उसे, जहाँ से उठाया वही व्यवस्थित जमायें.
बच्चों को उनका रूम सेट करना बताएं, उन्हें कपड़े तह कर रखने, बुक को एक सा जमाना, बेड ठीक करना सिखाएं. ये सब उनकी आदत में शामिल करें, जिससे वे धीरे धीरे बिना आपके बोले ये काम करें.
बच्चों को सफाई के लिए प्रेरित करने के लिए उन्हें शाबाशी दें या कुछ उपहार दें
घर के जेंट्स को सफाई अभियान में शामिल करना मुश्किल होता है, लेकिन उन्हें किसी तरह मनाएं. छुट्टी वाले दिन उन्हें पहले से बता दें कि उन्हें सफाई के लिए थोडा समय देना होगा. आप मिलकर काम करेंगें तो काम भी जल्दी होगा, और आप साथ में एक्स्ट्रा समय भी व्यतीत कर सकेंगें.
जेंट्स से आप, बेडशीट, कुशन कवर, परदे चेंज करा सकते है, डस्टिंग के लिए बोलें. उनसे उन्ही की अलमारी, कागजों को ज़माने को बोलें.
घर की साफ सफाई को 3 भागों की बांटा गया है –
- रोजाना (daily)
- हफ्ते में 1 बार (weekly)
- महीने में एक बार (monthly)
हमारे परिवारों में काम वाली बाईयां तो होती है, लेकिन हम उनसे सही ढंग से काम नहीं करवा पाते है. वे रोज आकर एक ही जगह सामने सामने झाड़ू, पोंचा करके चली जाती है, फिर भी हमें सफाई नहीं दिखती है, और उनके जाने के बाद भी हम सफाई ही करते रहते है.
रोजाना की सफाई – रोजाना की सफाई उन हिस्सों में करें, जहाँ घर वालों का ज्यादातर उठना बैठना होता है, इसमें लीविंग रूम, किचन व डायनिंग रूम आता है. रोजाना की सफाई में बाई के आते ही, आप भी उसके साथ जुट जाएँ. इन मुख्य रूम की डस्टिंग रोज जरुरी होती है, क्यूंकि यहाँ धुल भी अधिक बैठती है. डायनिंग टेबल, सेंटर टेबल, किचन प्लेटफार्म को रोज अच्छे से साफ़ करें. इससे गंदगी इक्कठी नहीं होगी, जिससे स्वास्थ्य में भी लाभ होगा.
रोज के कपड़े रोज धोने की आदत डालें
किचन के कपड़ों को रोज धोएं.
बाथरूम में रोज अच्छे से पानी डालें, जिससे ये गन्दी न हो पाए.
बर्तन धुलने वाले स्थान, सिंक की रोज सफाई करें. इससे चिकनाहट इक्कठी नहीं होती.
हफ्ते में एक बार किचन की अलमारियां साफ़ करें.
ड्राइंग रूम की सफाई करे, पुरे घर के जाले निकालें.
शोकेस, शोपीस की साफ़ सफाई करें.
बेडरूम, बच्चों के रूम में ड्रा, अलमारी साफ करें.
घर में सबसे ज्यादा गंदगी बाथरूम में बैठती है, यही से कीटाणु हमारे घर में प्रवेश करते है. हफ्ते में एक बार पूरी बाथरूम की अच्छे से सफाई करें, इसमें उसके टाइल्स, फर्श, शीट सभी शामिल है.