‘ई’ से शुरू होने वाले हिन्दी मुहावरे / Hindi Idioms start with ई

( ई ) से शुरू वाले हिन्दी मुहावरे

‘ई’ से शुरू होने वाले हिन्दी के कुछ प्रसिद्ध मुहावरे और उनके अर्थ, वाक्य में प्रयोग सहित इस लेख द्वारा उपलब्ध कराये गए है।

ईंट का जबाब पत्थर से देना (अर्थ –जबरदस्त बदला लेना)-

वाक्य प्रयोग – भारत अपने दुश्मनों को ईंट का जबाब पत्थर से देगा।

ईट से ईट बजाना (अर्थ – विध्वंस करना)-

वाक्य प्रयोग – महमूद जहां गया वहां उसने ईट से ईट बजा दी

ईद का चाँद होना (अर्थ – बहुत दिनों बाद दिखाई देना)-

वाक्य प्रयोग – तुम तो कभी दिखाई ही नहीं देते, तुम्हे देखने को तरस गया, ऐसा लगता है कि तुम ईद के चाँद हो गए हो।

ईमान बेचना (अर्थ – बेईमानी करना)-

वाक्य प्रयोग – मित्र, ईमान बेचने से कुछ नहीं होगा, परिश्रम करके खाओ।

ईमान का सौदा (अर्थ – ऐसा सौदा जिसमे बेईमानी न हो। )-

वाक्य प्रयोग – आप की खुशी हो आप लें या न लें इतना मैं अवश्य कहूंगा कि यह ईमान का सौदा है।

ईमान की बात कहना(अर्थ – सच सच कहाना)-

वाक्य प्रयोग – भाई मैं तो ईमान की बात कहूंगा आप खुश हो या नाराज।

ईमान से कहना (अर्थ – सच कहना)-

वाक्य प्रयोग – ईमान से कह रहा हूं, मैंने आपके रुपये नही लिये हैं।

ईमानदारी एवं निच्छल (अर्थ – )-

वाक्य प्रयोग –

ईद के पीछे टर (अर्थ – समय पर काम न हो तो बेकार है)-

वाक्य प्रयोग – परसो बारात आएगी, और तुम चौथे रोज यामियाने का प्रबन्ध करोगे इसी को ईद के पीछे टर कहते है।

ईमान कांपना (अर्थ – डरना)-

वाक्य प्रयोग – भाई इस बुरे काम को करने मे मेरा ईमान कांप रहा है ।

ईमान ठिकाने न होना (अर्थ – धर्म भाव दृढ न रहना या दिल मे बेईमानी होना)-

वाक्य प्रयोग – जिसका ईमान ठिकाने नही है उसका क्या विश्वास ।

ईमान डिगना (अर्थ – मन मे बेईमानी आ जाना)-

वाक्य प्रयोग – इस तुच्छ चीज के पीछे ही ईमान डिग गया तो तुम्हारा विश्वास कैसे किया जाय ।

ईमान देना (अर्थ – सत्य छोडना, बेईमानी करना)-

वाक्य प्रयोग – श्रेष्ट पुरुष ईमान देने से मरना अच्छा समझते है ।

ईमान बगल मे दबाना (अर्थ – बेईमानी करना)-

वाक्य प्रयोग – ईमान बगल मे दबा कर काम करना हो तो तुमसे काम कराने से ‌‌‌मे बाज आया ।

ईमान बह जाना (अर्थ – धर्म नष्ट हो जाना या बेईमानी समा जाना)-

वाक्य प्रयोग – तुम्हारा तो ईमान बह गया है, तुमसे साझा कौन करेगा ।

ईमान मे फर्क आना (अर्थ – नियत बिगडना)-

वाक्य प्रयोग – दो रुपए के पीछे जिसके ईमान मे फर्क आ गया उसे आदमी कोन कहेगा ।

ईमान हवा होना (अर्थ – दिल मे बेईमानी आ जाना)-

वाक्य प्रयोग – कौडी कौडी के ‌‌‌पीछे जिसका इमान हवा हो जाय, उसका क्या विश्वास







ईश्वर को प्यारा होना (अर्थ – मर जाना)-

वाक्य प्रयोग – सुना है की रविवार को तुम्हारा मैनेजर ईश्वर को ‌‌‌प्यारो हो गयो ।

ईश्वर की माया कहीं धूप कहीं छाया (अर्थ – संसार में सुख और दु:ख दोनों ही पाए जाते हैं)-

वाक्य प्रयोग – कई बेचारे फुटपाथ पर ही रातें गुजारते हैं और कई भव्य बंगलों में आनन्द करते हैं। सच है ईश्वर की माया कहीं धूप कहीं छाया।

ईश्वर के दरबार में देर है, अंधेर नहीं (अर्थ – )-

वाक्य प्रयोग –

ई गुर होना (अर्थ – बहुत लाल होना )-

वाक्य प्रयोग – धाम के कारण उसका चेहरा ईगुर हो गया है ।

ईट का घर मिट्टी करना (अर्थ – घर नष्ट करना )-

वाक्य प्रयोग – बुरे कामो मे फंस कर उसने अपना ईट का घर मिट्टी कर डाला ।

ईट का छल्ला देना (अर्थ – कच्ची दीवाल से सटाकर ईट की, इकहरी जोडाई करना )-

वाक्य प्रयोग – ईट का छेल्ला दे दो नही तो बरसात मे दीवाल गिर जायगी ।

‌‌‌ईंट का जवाब पत्थर से देना (अर्थ – कडा जवाब देना )-

वाक्य प्रयोग – राजेश ने महावीर को ईंट का जवाब पत्थर से देकर बता दिया की वह भी उससे कम नही ।

ईंट चुनना (अर्थ – जोडाई करना, दीवाल बनाना )-

वाक्य प्रयोग – यह मिस्त्री ईंट चुनने का काम बडा अच्छा करता है।

ईंट तक बिकवाना (अर्थ – सबकुछ ले लेना )-

वाक्य प्रयोग – तुम मेरी ईंट तक बिकवा दो पर मुझे अपने सामने झुका ‌‌‌नही सकते हो ।

ईंट पत्थर बजना (अर्थ – किसी नगर या घर मे ध्वस हो जाना )-

वाक्य प्रयोग – एटमबम के कारण जापान के दो नगरो की ईंट से ईंट बज गई ।

ईंट का घर, मिट्टी का दर (अर्थ – बेतुका काम)-

वाक्य प्रयोग – घर तो ईंट का बनाया पर दरवाज़ा मिट्टी का बना दिया

ईंट की देवी, रोड़े का प्रसाद (अर्थ – जैसी देवी वैसा प्रसाद)-

वाक्य प्रयोग –

ईंट की लेनी पत्थर की देनी (अर्थ – कठोर बदला चुकाना, मुँह तोड़ जवाब देना)-

वाक्य प्रयोग –

ईख की गांठ में रस नहीं होता (अर्थ – गन्ना बहुत रस से भरा होता है पर उसकी भी गाँठ में रस नहीं होता)-

वाक्य प्रयोग – किसी भी व्यक्ति में सभी अच्छाईयाँ नहीं होतीं थोड़ी बहुत कमियाँ भी होती हैं

ईतर के घर तीतर, बाहर बाधूँ कि भीतर (घड़ी बाहर घड़ी भीतर) (अर्थ – )-

वाक्य प्रयोग – किसी इतराने वाले व्यक्ति के हाथ कोई बड़ी चीज़ लग गई है. कभी घर में रखता है कभी बाहर सबको दिखाता घूमता है

ईद पीछे चाँद मुबारक (अर्थ – बेमौके काम)-

वाक्य प्रयोग –

ईश्वर लड़ने की रात दे बिछड़ने का दिन न दे (अर्थ – )-

वाक्य प्रयोग – घरवालों या दोस्तों से थोड़ी बहुत लड़ाई भले ही होती रहे, कभी बिछड़ना न पड़े