‘ग’ से शुरू होने वाले हिन्दी मुहावरे / Hindi Idioms start with ग

( ग ) से शुरू वाले हिन्दी मुहावरे

‘ग’ से शुरू होने वाले हिन्दी के कुछ प्रसिद्ध मुहावरे और उनके अर्थ, वाक्य में प्रयोग सहित इस लेख द्वारा उपलब्ध कराये गए है।

गले का हार होना (अर्थ – बहुत प्यारा)-

वाक्य प्रयोग – लक्ष्मण राम के गले का हर थे।

गर्दन पर सवार होना (अर्थ – पीछा ना छोड़ना )-

वाक्य प्रयोग – जब देखो, तुम मेरी गर्दन पर सवार रहते हो।

गला छूटना (अर्थ – पिंड छोड़ना)-

वाक्य प्रयोग – उस कंजूस की दोस्ती टूट ही जाती, तो गला छूटता।

गर्दन पर छुरी चलाना (अर्थ – नुकसान पहुचाना)-

वाक्य प्रयोग – मुझे पता चल गया कि विरोधियों से मिलकर किस तरह मेरे गले पर छुरी चला रहे थेो।

गड़े मुर्दे उखाड़ना (अर्थ – दबी हुई बात फिर से उभारना)-

वाक्य प्रयोग – जो हुआ सो हुआ, अब गड़े मुर्दे उखारने से क्या लाभ ?

गागर में सागर भरना (अर्थ – एक रंग -ढंग पर न रहना)-

वाक्य प्रयोग – उसका क्या भरोसा वह तो गिरगिट की तरह रंग बदलता है।

गुल खिलना (अर्थ – नयी बात का भेद खुलना, विचित्र बातें होना)-

वाक्य प्रयोग – सुनते रहिये, देखिये अभी क्या गुल खिलेगा।

गिरगिट की तरह रंग बदलना (अर्थ – बातें बदलना)-

वाक्य प्रयोग – गिरगिट की तरह रंग बदलने से तुम्हारी कोई इज्जत नहीं करेगा।

गाल बजाना (अर्थ – डींग हाँकना)-

वाक्य प्रयोग – जो करता है, वही जानता है। गाल बजानेवाले क्या जानें ?

गिन-गिनकर पैर रखना (अर्थ – सुस्त चलना, हद से ज्यादा सावधानी बरतना)-

वाक्य प्रयोग – माना कि थक गये हो, मगर गिन-गिनकर पैर क्या रख रहे हो ? शाम के पहले घर पहुँचना है या नहीं ?

गुस्सा पीना (अर्थ – क्रोध दबाना)-

वाक्य प्रयोग – गुस्सा पीकर रह गया। चाचा का वह मुँहलगा न होता, तो उसकी गत बना छोड़ता।

गूलर का फूल होना (अर्थ – लापता होना)-

वाक्य प्रयोग – वह तो ऐसा गूलर का फूल हो गया है कि उसके बारे में कुछ कहना मुश्किल है।

गुदड़ी का लाल (अर्थ – गरीब के घर में गुणवान का उत्पत्र होना)-

वाक्य प्रयोग – अपने वंश में प्रेमचन्द सचमुच गुदड़ी के लाल थे।

गाँठ में बाँधना (अर्थ – खूब याद रखना )-

वाक्य प्रयोग – यह बात गाँठ में बाँध लो, तन्दुरुस्ती रही तो सब रहेगा।

गुड़ गोबर करना (अर्थ – बनाया काम बिगाड़ना)-

वाक्य प्रयोग – वीरू ने जरा-सा बोलकर सब गुड़-गोबर कर दिया।

गुरू घंटाल (अर्थ – दुष्टों का नेता या सरदार)-

वाक्य प्रयोग – अरे भाई, मोनू तो गुरू घंटाल है, उससे बचकर रहना।

गंगा नहाना (अर्थ – अपना कर्तव्य पूरा करके निश्चिन्त होना)-

वाक्य प्रयोग – रमेश अपनी बेटी की शादी करके गंगा नहा गए।

गच्चा खाना (अर्थ – धोखा खाना)-

वाक्य प्रयोग – रामू गच्चा खा गया, वरना उसका कारोबार चला जाता।

गजब ढाना (अर्थ – कमाल करना)-

वाक्य प्रयोग – लता मंगेशकर ने तो गायकी में गजब ढा दिया हैं।

गज भर की छाती होना- (अर्थ – अत्यधिक साहसी होना)-

वाक्य प्रयोग – उसकी गज भर की छाती है तभी तो अकेले ने ही चार-चार आतंकवादियों को मार दिया।

गढ़ फतह करना (अर्थ – कठिन काम करना)-

वाक्य प्रयोग – आई.ए.एस. पास करके शंकर ने सचमुच गढ़ फतह कर लिया।

गधा बनाना (अर्थ – मूर्ख बनाना) अप्रैल फूल डे वाले दिन मैंने रामू को खूब गधा बनाया।

गधे को बाप बनाना (अर्थ – काम निकालने के लिए मूर्ख की खुशामद करना)-

वाक्य प्रयोग – रामू गधे को बाप बनाना अच्छी तरह जानता हैं।

गर्दन ऐंठी रहना (अर्थ – घमंड या अकड़ में रहना)-

वाक्य प्रयोग – सरकारी नौकरी लगने के बाद तो उसकी गर्दन ऐंठी ही रहती हैं।

गर्दन फँसना (अर्थ – झंझट या परेशानी में फँसना)-

वाक्य प्रयोग – उसे रुपया उधार देकर मेरी तो गर्दन फँस गई हैं।

गरम होना (अर्थ – क्रोधित होना)-

वाक्य प्रयोग – अंजू की दादी जरा-जरा सी बात पर गरम हो जाती हैं।

गला काटना (अर्थ – किसी की ठगना)-

वाक्य प्रयोग – कल अध्यापक ने बताया कि किसी का गला काटना बुरी बात हैं।

गला पकड़ना (अर्थ – किसी को जिम्मेदार ठहराना)-

वाक्य प्रयोग – गलती चाहे किसी की हो, पिताजी मेरा ही गला पकड़ते हैं।

गला फँसाना (अर्थ – मुसीबत में फँसाना)-

वाक्य प्रयोग – अपराध उसने किया हैं और गला मेरा फँसा दिया हैं। बहुत चतुर है वो!

गला फाड़ना (अर्थ – जोर से चिल्लाना)-

वाक्य प्रयोग – राजू कब से गला फाड़ रहा है कि चाय पिला दो, पर कोई सुनता ही नहीं।







गले पड़ना (अर्थ – पीछे पड़ना)-

वाक्य प्रयोग – मैंने उसे एक बार पैसे उधार क्या दे दिए, वह तो गले ही पड़ गया।

गले पर छुरी चलाना (अर्थ – अत्यधिक हानि पहुँचाना)-

वाक्य प्रयोग – उसने मुझे नौकरी से बेदखल करा के मेरे गले पर छुरी चला दी।

गले न उतरना (अर्थ – पसन्द नहीं आना)-

वाक्य प्रयोग – मुझे उसका काम गले हीं उतरता, वह हर काम उल्टा करता हैं।

गाँठ का पूरा, आँख का अंधा (अर्थ – धनी, किन्तु मूर्ख व्यक्ति)-

वाक्य प्रयोग – सेठ जी गाँठ के पूरे, आँख के अंधे हैं तभी रामू का कहना मानकर अनाड़ी मोहन को नौकरी पर रख लिया हैं।

गाजर-मूली समझना (अर्थ – तुच्छ समझना)-

वाक्य प्रयोग – मोहन ने कहा कि उसे कोई गाजर-मूली न समझे, वह बहुत कुछ कर सकता है।

गाढ़ी कमाई (अर्थ – मेहनत की कमाई)-

वाक्य प्रयोग – ये मेरी गाढ़ी कमाई है, अंधाधुंध खर्च मत करो।

गाढ़े दिन (अर्थ – संकट का समय)-

वाक्य प्रयोग – रमेश गाढ़े दिनों में भी खुश रहता है।

गाल फुलाना (अर्थ – रूठना)-

वाक्य प्रयोग – अंशु सुबह से ही गाल फुलाकर बैठी हुई है।

गुजर जाना (अर्थ – मर जाना)-

वाक्य प्रयोग – मेरे दादाजी तो एक साल पहले ही गुजर गए और तुम आज पूछ रहे हो।

गुल खिलाना (अर्थ – बखेड़ा खड़ा करना)-

वाक्य प्रयोग – यह लड़का जरूर कोई गुल खिला कर आया है तभी चुप बैठा है।

गुलछर्रे उड़ाना (अर्थ – मौजमस्ती करना)-

वाक्य प्रयोग – मित्र, परीक्षाएँ नजदीक हैं और तुम गुलछर्रे उड़ा रहे हो।

गूँगे का गुड़ (अर्थ – वर्णनातीत अर्थात जिसका वर्णन न किया जा सके)-

वाक्य प्रयोग – दादाजी कहते हैं कि ईश्वर के ध्यान में जो आनंद मिलता है, वह तो गूँगे का गुड़ है।

गोता मारना (अर्थ – गायब या अनुपस्थित होना)-

वाक्य प्रयोग – अरे मित्र! तुमने दो दिन कहाँ गोता मारा, नजर नहीं आए।

गोली मारना (अर्थ – त्याग देना या ठुकरा देना)-

वाक्य प्रयोग – रंजीत ने कहा कि बस को गोली मारो, हम तो पैदल जायेंगे।

गौं का यार (अर्थ – मतलब का साथी)-

वाक्य प्रयोग – रमेश तो गौं का यार है, वो बेमतलब तुम्हारा काम नहीं करेगा।

गोद भरना (अर्थ – संतान होना, विवाह से पूर्व कन्या के आँचल में नारियल आदि सामान देकर विवाह पक्का करना)-

वाक्य प्रयोग – सुरेश की बहन का गोद भर गई है, अब अगले माह शादी होनी है।

गोद लेना (अर्थ – दत्तक बनाना, अपना पुत्र न होने पर किसी बच्चे को विधिवत अपना पुत्र बनाना)-

वाक्य प्रयोग – महिमा दीदी के जब कोई संतान नहीं हुई तो उन्होंने एक बच्चा गोद लिया।

गोद सूनी होना (अर्थ – संतानहीन होना)-

वाक्य प्रयोग – जब तुम्हारी गोद सूनी है तो किसी बच्चे को गोद क्यों नहीं ले लेते ?

गोबर गणेश (अर्थ – मूर्ख)-

वाक्य प्रयोग – वह तो एकदम गोबर गणेश है, उसकी समझ में कुछ नहीं आता।

गोलमाल करना (अर्थ – काम बिगाड़ना/गड़बड़ करना)-

वाक्य प्रयोग – मुंशी जी ने सेठ जी का सारे हिसाब-किताब का गोलमाल कर दिया।

गंगाजली उठाना (अर्थ – हाथ में गंगाजल से भरा पात्र लेकर शपथपूर्वक कहना)-

वाक्य प्रयोग – मैंने गंगाजली उठा ली तो भी उसे मेरी बात पर यकीन नहीं हुआ।

गर्दन उठाना (अर्थ – प्रतिवाद करना)-

वाक्य प्रयोग – सत्तारूढ़ सरकार के विरोध में गर्दन उठाना टेढ़ी खीर है।

गर्दन पर सवार होना (अर्थ – पीछा न छोड़ना)-

वाक्य प्रयोग – जब देखो, तब मेरी गर्दन पर सवार रहते हो।

गर्दन काटना (अर्थ – जान से मारना, हानि पहुँचाना)-

वाक्य प्रयोग – वह तो उनकी गर्दन काट डालेगा। झूठी शिकायत कर क्यों गरीब की गर्दन काटने पर तुले हो ?

गर्दन पर छुरी फेरना- (अर्थ – अत्याचार करना)

गले मढ़ना (अर्थ – इच्छा के विरुद्ध कुछ मत्थे थोप देना)-

वाक्य प्रयोग – उसने अच्छा कहकर पूरे छह सौ लिये और अपना रद्दी रेडियो मेरे गले मढ़ दिया।

गले पर छुरी फेरना (अर्थ – अपनों का ही बहुत नुकसान करना)-

वाक्य प्रयोग – इन दिनों भाई ही भाई के गले पर छुरी फेर रहा है।

गाल फुलाना (अर्थ – रूठना)-

वाक्य प्रयोग – कैकेयी ने गाल फुला लिया, तो दशरथ परेशान हो गये।

गाल बजाना (अर्थ – डींग हाँकना)-

वाक्य प्रयोग – किसके आगे गाल बजा रहे हो ? आखिर मैं तुम्हारा बड़ा भाई हूँ, बीस वर्ष बड़ा। मुझसे तुम्हारा कुछ छुपा भी है क्या ?







गोबर गणेश  (अर्थ – मूर्ख, बुद्धू, निकम्मा)

गोरख धंधा- (अर्थ – बखेड़ा, झंझट)

ग्रीन सिगनल देना  (अर्थ – आदेश देना)

गाल बजाना (अर्थ – डींग मारना)

काल के गाल में जाना  (अर्थ – मृत्यु के मुख में पड़ना)

गंगा लाभ होना (अर्थ – मर जाना)

गीदड़भभकी (अर्थ – मन में डरते हुए भी ऊपर से दिखावटी क्रोध करना)

गुड़ियों का खेल (अर्थ – सहज काम)

गतालखाते में जाना (अर्थ – नष्ट होना)

गाढ़े में पड़ना (अर्थ – संकट में पड़ना)

गोटी लाल होना (अर्थ – लाभ होना)

गढ़ा खोदना (अर्थ – हानि पहुँचाने का उपाय करना)

गूलर का कीड़ा- (अर्थ – सीमित दायरे में भटकना)