‘ख’ से शुरू होने वाले हिन्दी मुहावरे / Hindi Idioms start with ख

( ख ) से शुरू वाले हिन्दी मुहावरे

‘ख’ से शुरू होने वाले हिन्दी के कुछ प्रसिद्ध मुहावरे और उनके अर्थ, वाक्य में प्रयोग सहित इस लेख द्वारा उपलब्ध कराये गए है।

ख़ाक छानना (अर्थ – भटकना)-

वाक्य प्रयोग – नौकरी की खोज में वह खाक छानता रहा।

खून-पसीना एक करना (अर्थ – अधिक परिश्रम करना)-

वाक्य प्रयोग – खून पसीना एक करके विद्यार्थी अपने जीवन में सफल होते है।

खरी-खोटी सुनाना (अर्थ – भला-बुरा कहना)-

वाक्य प्रयोग – कितनी खरी-खोटी सुना चुका हुँ, मगर बेकहा माने तब तो ?

खून खौलना (अर्थ – क्रोधित होना)-

वाक्य प्रयोग – झूठ बातें सुनते ही मेरा खून खौलने लगता है।

खून का प्यासा (अर्थ – जानी दुश्मन होना)-

वाक्य प्रयोग – उसकी क्या बात कर रहे हो, वह तो मेरे खून का प्यासा हो गया है।

खेत रहना या आना (अर्थ – वीरगति पाना)-

वाक्य प्रयोग – पानीपत की तीसरी लड़ाई में इतने मराठे आये कि मराठा-भूमि जवानों से खाली हो गयी।

खटाई में पड़ना (अर्थ – झमेले में पड़ना, रुक जाना)-

वाक्य प्रयोग – बात तय थी, लेकिन ऐन मौके पर उसके मुकर जाने से सारा काम खटाई में पड़ गया।

खेल खेलाना (अर्थ – परेशान करना)-

वाक्य प्रयोग – खेल खेलाना छोड़ो और साफ-साफ कहो कि तुम्हारा इरादा क्या है।

खटाई में डालना (अर्थ – किसी काम को लटकाना)-

वाक्य प्रयोग – उसनेतो मेरा काम खटाई में डाल दिया। अब किसी और से कराना पड़ेगा।

खबर लेना (अर्थ – सजा देना या किसी के विरुद्ध कार्यवाई करना)-

वाक्य प्रयोग – उसने मेरा काम करने से इनकार किया हैं, मुझे उसकी खबर लेनी पड़ेगी।

खाई से निकलकर खंदक में कूदना (अर्थ – एक परेशानी या मुसीबत से निकलकर दूसरी में जाना)-

वाक्य प्रयोग – मुझे ज्ञात नहीं था कि मैं खाई से निकलकर खंदक में कूदने जा रहा हूँ।

खाक फाँकना (अर्थ – मारा-मारा फिरना)-

वाक्य प्रयोग – पहले तो उसने नौकरी छोड़ दी, अब नौकरी की तलाश में खाक फाँक रहा हैं।

खाक में मिलना (अर्थ – सब कुछ नष्ट हो जाना)-

वाक्य प्रयोग – बाढ़ आने पर उसका सब कुछ खाक में मिल गया।

खाना न पचना (अर्थ – बेचैन या परेशान होना)-

वाक्य प्रयोग – जब तक श्यामा अपने मन की बात मुझे बताएगी नहीं, उसका खाना नहीं पचेगा।

खा-पी डालना (अर्थ – खर्च कर डालना)-

वाक्य प्रयोग – उसने अपना पूरा वेतन यार-दोस्तों में खा-पी डाला, अब उधार माँग रहा हैं।

खाने को दौड़ना (अर्थ – बहुत क्रोध में होना)-

वाक्य प्रयोग – मैं अपने ताऊजी के पास नहीं जाऊँगा, वे तो हर किसी को खाने को दौड़ते हैं।

खार खाना (अर्थ – ईर्ष्या करना)-

वाक्य प्रयोग – वह तो मुझसे खार खाए बैठा हैं, वह मेरा काम नहीं करेगा।

खिचड़ी पकाना (अर्थ – गुप्त बात या कोई षड्यंत्र करना)-

वाक्य प्रयोग – छात्रों को खिचड़ी पकाते देख अध्यापक ने उन्हें डाँट दिया।

खीरे-ककड़ी की तरह काटना (अर्थ – अंधाधुंध मारना-काटना)-

वाक्य प्रयोग – 1857 की लड़ाई में रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों को खीरे-ककड़ी की तरह काट दिया था।

खुदा-खुदा करके (अर्थ – बहुत मुश्किल से)-

वाक्य प्रयोग – रामू खुदा-खुदा करके दसवीं में उत्तीर्ण हुआ हैं।







खुशामदी टट्टू (अर्थ – खुशामद करने वाला)-

वाक्य प्रयोग – वह तो खुशामदी टट्टू हैं, खुशामद करके अपना काम निकाल लेता हैं।

खूँटा गाड़ना (अर्थ – रहने का स्थान निर्धारित करना)-

वाक्य प्रयोग – उसने तो यहीं पर खूँटा गाड़ लिया हैं, लगता हैं जीवन भर यहीं रहेगा।

खून-पसीना एक करना (अर्थ – बहुत कठिन परिश्रम करना)-

वाक्य प्रयोग – रामू खून-पसीना एक करके दो पैसे कमाता हैं।

खून के आँसू रुलाना (अर्थ – बहुत सताना या परेशान करना)-

वाक्य प्रयोग – रामू कलियुगी पुत्र हैं, वह अपने माता-पिता को खून के आँसू रुला रहा हैं।

खून के आँसू रोना (अर्थ – बहुत दुःखी या परेशान होना)-

वाक्य प्रयोग – व्यापार में घाटा होने पर सेठजी खून के आँसू रो रहे हैं।

खून-खच्चर होना (अर्थ – बहुत मारपीट या झगड़ा होना)-

वाक्य प्रयोग – सुबह-सुबह दोनों भाइयों में खून-खच्चर हो गया।

खून सवार होना (अर्थ – बहुत क्रोध आना)-

वाक्य प्रयोग – उसके ऊपर खून सवार हैं, आज वह कुछ भी कर सकता हैं।

खून पीना (अर्थ – शोषण करना)-

वाक्य प्रयोग – सेठ रामलाल जी अपने कर्मचारियों का बहुत खून चूसते हैं।

ख्याली पुलाव पकाना (अर्थ – असंभव बातें करना)-

वाक्य प्रयोग – अरे भाई! ख्याली पुलाव पकाने से कुछ नहीं होगा, कुछ काम करो।

खून ठण्डा होना (अर्थ – उत्साह से रहित होना या भयभीत होना)-

वाक्य प्रयोग – आतंकवादियों को देखकर मेरा तो खून ठण्डा पड़ गया।

खेल बिगड़ना (अर्थ – काम बिगड़ना)-

वाक्य प्रयोग – अगर पिताजी ने साथ नहीं दिया तो हमारा सारा खेल बिगड़ जाएगा।

खेल बिगाड़ना (अर्थ – काम बिगाड़ना)-

वाक्य प्रयोग – यदि हमने मोहन की बात नहीं मानी तो वह बना-बनाया खेल बिगाड़ देगा।

खोटा पैसा (अर्थ – अयोग्य पुत्र)-

वाक्य प्रयोग – कभी-कभी खोटा पैसा भी काम आ जाता हैं।

खोपड़ी खाना या खोपड़ी चाटना (अर्थ – बहुत बातें करके परेशान करना)-

वाक्य प्रयोग – अरे भाई! मेरी खोपड़ी मत खाओ, जाओ यहाँ से।

खोपड़ी खाली होना (अर्थ – श्रम करके दिमाग का थक जाना)-

वाक्य प्रयोग – उसे पढ़ाकर तो मेरी खोपड़ी खाली हो गई, फिर भी उसे कुछ समझ नहीं आया।

खोपड़ी गंजी करना (अर्थ – बहुत मारना-पीटना)-

वाक्य प्रयोग – लोगों ने मार-मार कर चोर की खोपड़ी गंजी कर दी।

खोपड़ी पर लादना (अर्थ – किसी के जिम्मे जबरन काम मढ़ना)-

वाक्य प्रयोग – अधिकतर कर्मचारियों के छुट्टी पर जाने के कारण एक या दो कर्मचारियों की खोपड़ी पर काम लादना पड़ा।

खोलकर कहना (अर्थ – स्पष्ट कहना)-

वाक्य प्रयोग – मित्र, जो कहना हैं, खोलकर कहो, मुझसे कुछ भी मत छिपाओ।

खोज खबर लेना (अर्थ – समाचार मिलना)-

वाक्य प्रयोग – मदन के दादा जी घर छोड़कर चले गए। बहुत से लोगों ने उनकी खोज खबर ली तो भी उनका पता नहीं चला।

खोद-खोद कर पूछना (अर्थ – अनेकानेक प्रश्न पूछना)-

वाक्य प्रयोग – खोद-खोद कर पूछना बंद करो, मैं इस तरह के सवालों के जबाब नहीं दूँगा।

खून सूखना- (अर्थ – अधिक डर जाना)

खून सफेद हो जाना- (अर्थ – बहुत डर जाना)

खम खाना- (अर्थ – दबना, नष्ट होना)

खटिया सेना- (अर्थ – बीमार होना)

खा-पका जाना- (अर्थ – बर्बाद करना)

खूँटे के बल कूदना- (अर्थ – किसी के भरोसे पर जोर या जोश दिखाना)