थायरॉइड से हैं परेशान तो डायट में ये करें शामिल / Thaorides are disturbed if they are included in the diet

थायरॉइड की बीमारी से काफी लोग पेरशान हैं। थायरॉइड गले में एक एंडोक्राइन ग्रंथि है जो बटरफ्लाई के आकार की होती है। इस ग्रंथि से थायरॉइड हार्मोन निकलता है जो शरीर के मेटाबॉलिज्म को संतुलित करता है। यह ग्रंथि हमारे शरीर में आयोडीन की सहायता से हार्मोन बनाता है। जब यह हार्मोन असंतुलित हो जाता है तो शरीर में कई समस्याएं होने लगती हैं। जैसे अचानक वजन बढ़ता तो कभी घट जाता है। बीमारी को सही करने के लिए लोग दवाइयों का सहारा लेते हैं लेकिन ये पर्याप्त नहीं होता है। इस बीमारी के पीछे सबसे बड़ा कारण खानपान है। थायरॉइड को नियंत्रण में करने के लिए डायट का विशेष ध्यान देना होता है। सही डायट लेने पर थायरॉयड की बीमारी पर काबू किया जा सकता है। थायरॉइड की बीमारी महिलाओं में ज्यादा होती है।

डायट

1- थायरॉइड की बीमारी से परेशान लोगों को आयोडीनयुक्त भोजन लेना चाहिए। आयोडीन थायरॉइड ग्रंथि के दुष्प्रभाव को रोकता है।

2- थायरॉयड के रोगी को फल और हरी पत्तेदार सब्जियां खानी चाहिए। हरी पत्तेदार सब्जियां थायरॉयड ग्रंथि के लिए अच्छी होती हैं। इसके अलावा सोया मिल्‍क, टोफू या सोयाबीन का खाने में इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि इसमें पाए जाने वाले रसायन हार्मोन को सुचारू रूप से काम करने में सहायता करते हैं।

3- थायरॉइड के मरीज को वो आहार लेना चाहिए जिसमें आयरन और कॉपर की पर्याप्त मात्रा होनी चाहिए। इसके लिए बादाम, काजू, सूरजमुखी के बीज खाने चाहिए। इसके खाने से थायरॉइड के फंक्‍शन में मदद मिलती है।

4- विटामिन, मिनरल, प्रोटीन और फाइबर से भरपूर अनाज का सेवन करना चाहिए। इसके लिए पुराना चावल, जौ, ब्रेड, पॉपकार्न, दूध, दही को खाना चाहिए। इससे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

5- थायरॉइड के मरीज को मुलेठी खानी चाहिए। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्‍व थायरॉइड ग्रंथि को संतुलित करने में सहायता करता है।

6- नॉनवेज खाने वाले लोगों को मछली खानी चाहिए क्योंकि मछली में अधिक मात्रा में आयोडीन होता है। खासकर समुद्री मछलियों में अधिक आयोडीन होता है। इसलिए थायरॉइड मरीज को सेलफिश और झींगा खाना चाहिए।